त्र्यंबकेश्वर, नासिकः

श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री परम पूज्य श्रीमहंत हरि गिरि महाराज के नेतृत्व में संतों ने महाराष्ट्र में वर्ष 2027 में होने वाले नासिक- त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ कुंभ महापर्व की तैयारियों का जायजा लिया। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज, सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिरए गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष, श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय के संरक्षक, हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्षए वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय संगठन महामंत्री एवं शाश्वत हिंदू के संरक्षक श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज व अन्य संतों ने नीलगिरि पर्वत स्थित विभिन्न धार्मिक स्थलों, मंदिर परिसरों एवं निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने मंदिरों के जीर्णोद्धार, निर्माणाधीन भवनों, धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण, आवागमन मार्गों, संतों के आवास, श्रद्धालुओं की सुविधाओं, पेयजल, स्वच्छता, विद्युत व्यवस्था एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यक कार्यों की समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी कार्य समय रहते पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूर्ण होने चाहिए। श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन धर्म की महान आध्यात्मिक परंपरा, भारतीय संस्कृति, संत समाज की एकता एवं विश्व कल्याण का विराट महापर्व है। वर्ष 2027 के सिंहस्थ कुंभ में देश-विदेश से बड़ी संख्या में संत-महात्मा, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु, आचार्य, संन्यासी एवं श्रद्धालु त्र्यंबकेश्वर और नासिक पहुंचेंगे। अतः सभी धार्मिक स्थलों एवं अखाड़ा परिसरों में आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण की जानी चाहिए।श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि भगवान त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग, नीलाम्बिका माता, नीलकंठ महादेव एवं भगवान दत्तात्रेय की पावन तपोभूमि का सनातन धर्म में विशेष आध्यात्मिक महत्व है। वर्ष 2027 में होने वाले सिंहस्थ कुंभ में विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थलों पर सुगम दर्शन, सुरक्षित आवागमन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना संत समाज की प्राथमिकता है। सिंहस्थ कुंभ 2027 के प्रमुख आयोजन जुलाई, अगस्त एवं सितंबर माह में होंगे। इसी के चलते निर्माण कार्यो, संतों व सभी श्रद्धालुओं को सभी सुविधाएं उपलब्घ कराने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। धार्मिक, आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि सिंहस्थ कुंभ का आगाज देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा 31 अक्टूबर को किया जा चुका है। अब सिंहस्थ कुंभ को ऐतिहासिक बनाने के लिए संतों व श्रद्धालुओं को हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध कराने का कार्य चल रहा है। भगवान त्र्यंबकेश्वर महादेव, माता नीलाम्बिका एवं भगवान दत्तात्रेय से सिंहस्थ कुंभ 2027 निर्विघ्न, भव्य, दिव्य एवं ऐतिहासिक रूप से संपन्न कराने, संपूर्ण विश्व में शांति, सद्भाव की स्थापना होने व धर्म एवं मानव कल्याण की प्रार्थना की गई। महामंडलेश्वर साध्वी शारदानंदेश्वर गिरि महाराज, श्रीमहंत बाल गिरि महाराज, गगन गिरि महाराज के शिष्य बाल गिरि महाराज, थानापति नीलकंठ गिरि महाराज, थानापति विष्णु गिरि महाराज, साध्वी विष्णुप्रिया गिरि महाराज समेत देश भर से आए संत-महात्मा महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी महेश कुलकर्णी एवं महेश कुलकर्णी आदि भी मौजूद रहे।

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