





गाजियाबादः
राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल श्री राणी भटियाणी माता मंदिर संस्थान, जसोल, जिला बालोतरा के संयोजक व अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के युवा राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंवर हरिश्चंद्र सिंह ने प्राचीन ऐतिहासिक सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव मठ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने मंदिर के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष, श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ के संरक्षक, हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष, वर्ल्ड पीस ऑर्गेनाइजेशन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं शाश्वत हिंदू के संरक्षक श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज से भेंटकर उनका आशीर्वाद भी प्राप्त किया। कुंवर हरिश्चंद्र सिंह ने महाराजश्री के पावन सानिध्य में भगवान दूधेश्वरनाथ महादेव का जलाभिषेक कर बिल्वपत्र अर्पण किया व विशेष आराधना कर विश्व शांति, राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सनातन धर्म की उन्नति तथा समस्त प्राणियों के कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के साथ श्री दूधेश्वर वेद विद्यापीठ में भी पूजन किया व वैदिक शिक्षा, गुरुकुल परंपरा, वेदों के अध्ययन-अध्यापन, भारतीय संस्कृति एवं सनातन संस्कारों के संरक्षण के महत्व पर चर्चा की। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर धर्म, आस्था व विश्वास का ऐसा केंद्र है, जो जहां सदियों से पूजा-अर्चना कर भक्त अपने जीवन को सफल व धन्य बना रहे हैं। वेद हमारी सनातन संस्कृति की आत्मा हैं। वेद विद्यापीठों और गुरुकुलों के माध्यम से भावी पीढ़ी को धर्म, संस्कार, राष्ट्रसेवा एवं भारतीय जीवन मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज एवं कुंवर हरिश्चंद्र सिंह जसोल ने मंदिर की गौशाला में गौमाताओं के दर्शन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक गौग्रास अर्पित किया। श्रीमहंत नारायण गिरि जी महाराज ने कहा कि गौसेवा सनातन धर्म की महान परंपरा है। गौमाता भारतीय संस्कृति, कृषि, पर्यावरण एवं आध्यात्मिक जीवन का महत्वपूर्ण आधार हैं। अतः प्रत्येक सनातनी परिवार को अपनी सामर्थ्य के अनुसार गौसेवा, गौसंरक्षण एवं गौसंवर्धन के कार्यों में योगदान देना चाहिए। महाराजश्री ने श्री राणी भटियाणी माता मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल के सानिध्य में संस्थान द्वारा धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि रावल किशन सिंह जसोल के सानिध्य में श्री राणी भटियाणी माता मंदिर संस्थान ने विश्व भर में धर्म, आस्था व भक्ति के साथ सेवा की अनुपम मिसाल कायम की है। राजस्थान का जसोल धाम और गाजियाबाद का सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ महादेव धाम सनातन आस्था एवं धार्मिक परंपराओं के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। धर्म, संस्कृति, संस्कार, शिक्षा और सेवा के माध्यम से ही समाज में आध्यात्मिक चेतना, सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रप्रेम की भावना को और अधिक सशक्त बनाया जा सकता है।
