


साहिबाबाद। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी दलों के आंदोलन के बीच सियासी माहौल गरमा गया है। समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष एवं अधिवक्ता वीरेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने वाले विपक्षी नेताओं और इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा प्रहार है।वीरेंद्र यादव ने दावा किया कि रात करीब 12 बजे से पुलिस ने उनके आवास को चारों ओर से घेर लिया। उनके मुताबिक, बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के कारण उनका घर छावनी में तब्दील हो गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले राजनीतिक कार्यकर्ता के घर पर इतनी बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने की आखिर जरूरत क्यों पड़ी।सपा महानगर अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष की बढ़ती आवाज से सरकार असहज है और सत्ता के दबाव में लोकतांत्रिक गतिविधियों को रोकने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी राजनीतिक दल के आंदोलन से असहमत हो सकती है, लेकिन शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार छीना नहीं जा सकता।वीरेंद्र यादव ने कहा कि पुलिस कार्रवाई और दबाव से विपक्ष की आवाज को खामोश नहीं किया जा सकता। उन्होंने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की।
