महाराजश्री ने बताया, धनतेरस पर झाडू, पीतल, सोना, चांदी, तांबा, साबुत धनिया की खरीदारी शुभ रहती है

गाजियाबादः

प्राचीन सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर गाजियाबाद के पीठाधीश्वर, श्री पंचदशनाम जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता, दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष, जूना अखाड़ा 13 मढ़ी के अध्यक्ष, श्री दूधेश्वर वेद विद्यालय के संरक्षक, हिंदू यूनाइटेड फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्षए विश्व शांति संगठन के अंतरराष्ट्रीय महामंत्री एवं शाश्वत हिंदू के संरक्षक श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने धनतेरस के पर्व को लेकर चल रहे असमंजस को दूर किया है। महाराजश्री ने कहा कि शास्त्रों के अनुसार धनतेरस का पर्व शुक्रवार 6 नवंबर को ही मनाया जाएगा। धनतेरस का पर्व कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि 6 नवंबर को सुबह 09.30 बजे शुरू से होगी और उसका समापन 7 नवंबर को सुबह 11.45 बजे होगा। इसी कारण धनतेरस का त्योहार 6 नवंबर दिन शुक्रवार को मनाया जाएगा। धनतेरस को धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता हैश्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि इसी दिन समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अपने हाथों में अमृत कलश प्रकट हुए थे। इसलिए इसे धन्वंतरि जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। भगवान धन्वंतरि स्वास्थ्य के देवता हैं। इसी कारण धनतेरस पर अरोग्यता के लिए भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की जाती है। सुख-समृद्धि व खुशहाली के लिए मां लक्ष्मी व कुबेर तथा अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति के लिए यमराज की पूजा-अर्चना की जाती है। यम के नाम से दीपक भी जलाया जाता है, जिससे अकाल मृत्यु का भ्स नहीं रहता है। धनतेरस पर सांय 05.49 बजे से रात 08.23 मिनट तक प्रदोष काल रहेगा। यह समय पूजा-अर्चना के लिए शुभ रहेगा। धनतेरस पर खरीदारी करना शुभ रहता हैश्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने बताया कि धनतेरस पर झाड़ू खरीदना शुभ माना जाता है, क्योंकि इसे मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत का जो कलश लेकर प्रकट हुए थे, वह पीतल का ही था। इसी कारण इस दिप पीतल खरीदना भी बहुत शुभ रहता है। सोना, चांदी, तांबा, वाहन की खरीदारी भी शुभ मानी जाती है। इसके अलावा साबुत धनिया और गोमती चक्र खरीदने की भी परंपरा है। श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने कहा कि धनतेरस के दिन चाकू, कैंची, सुई, कील जैसी नुकीली वस्तुएं तथा कांच और प्लास्टिक का सामान नहीं खरीदना चाहिए क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है।

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