

**गाजियाबाद।** त्योहारों की असली खुशियां दूसरों के जीवन में मुस्कान बांटने से मिलती हैं। दीपावली का पर्व हमें सेवा, सहयोग और जरूरतमंदों की मदद करने का संदेश देता है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल ने ऐसा सराहनीय कार्य किया, जिसकी हर ओर प्रशंसा हो रही है। उन्होंने एक गरीब बेटी की उदासी दूर कर उसके चेहरे पर मुस्कान लाने का काम किया।दरअसल, त्योहारों के मद्देनजर डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल पुलिसकर्मियों के साथ क्षेत्र में पैदल गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे रंगोली के रंग बेच रही एक लड़की पर पड़ी। लड़की उदास होकर बैठी थी और उसके पास कोई ग्राहक नहीं आ रहा था। डीसीपी ने उसके पास जाकर हालचाल पूछा तो पता चला कि सुबह से लेकर अब तक वह केवल 200 रुपये का ही सामान बेच पाई है।यह सुनकर डीसीपी ऋजुल ने बिना देर किए उससे 500 रुपये के रंगोली कलर खरीद लिए। अचानक मिले इस सहयोग से लड़की के चेहरे पर खुशी लौट आई। इतना ही नहीं, डीसीपी ने साथ चल रहे पुलिसकर्मियों को भी निर्देश दिए कि गश्त के दौरान जहां भी सड़क किनारे छोटे दुकानदार, रेहड़ी-पटरी वाले या जरूरतमंद लोग सामान बेचते दिखाई दें और उनके पास ग्राहक न हों, वहां से अपनी जरूरत के अनुसार सामान खरीदकर उनका सहयोग करें।डीसीपी की यह पहल केवल 500 रुपये की खरीदारी नहीं, बल्कि समाज के कमजोर वर्ग के प्रति संवेदनशीलता और इंसानियत का बड़ा संदेश है। मां लक्ष्मी के आगमन से पहले एक बेटी के चेहरे पर खुशियों का दीप जलाकर उन्होंने त्योहार की सच्ची भावना को साकार किया।*निश्चित रूप से वर्दी का असली सम्मान तब और बढ़ जाता है, जब उसमें कानून के रखवाले के साथ एक संवेदनशील इंसान भी दिखाई देता है। पुलिस अधिकारी हों तो ऐसे!*
