
गाजियाबादः
सिद्धपीठ श्री दूधेश्वरनाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता एवं दिल्ली संत महामंडल के अध्यक्ष श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज शुक्रवार को राजस्थान के लिए रवाना होंगे।
महाराजश्री के पावन सानिध्य एवं अध्यक्षता में राजस्थान स्थित विश्वविख्यात श्री राणीसा भटियाणीसा मंदिर (जसोलधाम), संत शिरोमणि श्री राणी रूपादेजी, श्री रावल मल्लीनाथ जी, रावलगढ़ जसोल एवं श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर जसोल में नवरात्रि महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु मां की पूजा-अर्चना हेतु पधार रहे हैं।
श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज उक्त सभी स्थलों पर पहुंचकर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करेंगे तथा श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान करेंगे। राजस्थान प्रस्थान से पूर्व महाराजश्री श्री दूधेश्वरनाथ मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे।
महाराजश्री ने बताया कि श्री राणीसा भटियाणीसा मंदिर (माजीसा मंदिर) जसोलधाम, राजस्थान के बालोतरा जिले के जसोल नगर पालिका में स्थित एक अत्यंत प्रसिद्ध एवं पवित्र हिंदू तीर्थस्थल है। यह मंदिर श्री राणीसा भटियाणीसा (मां जसोल) को समर्पित है, जिन्हें पश्चिमी राजस्थान एवं सिंध क्षेत्र में कुलदेवी के रूप में पूजनीय माना जाता है।
अपनी चमत्कारिक मान्यताओं एवं दिव्य वातावरण के कारण यह मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। श्री राणीसा भटियाणीसा को स्नेहपूर्वक श्री माजीसा, मां जसोल एवं श्री भुआसा के नाम से भी संबोधित किया जाता है।
श्री राणीसा भटियाणी के अद्वितीय बलिदान के पश्चात उनकी दिव्य उपस्थिति का अनुभव किया गया, जिसके उपरांत रावल कल्याणमल द्वारा इस मंदिर का निर्माण कराया गया। वर्तमान में यह मंदिर देश-विदेश में ख्याति प्राप्त कर चुका है।
यहां आने वाले श्रद्धालु सच्ची श्रद्धा एवं विश्वास के साथ मां के दर्शन करते हैं तथा उनकी कृपा से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति का अनुभव करते हैं।
मंदिर का संचालन श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल तथा उनके सुपुत्र संयोजक कुंवर हरिशचंद्र सिंह के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। उनके नेतृत्व में मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधाओं हेतु उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, जिनकी व्यापक सराहना की जाती है।
मंदिर व्यवस्था में प्रबंधक जेठूसिंह राठौड़ का भी विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। वहीं मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना आचार्य तोयराज उपाध्याय द्वारा सम्पन्न कराई जा रही है।
