


नई दिल्ली।शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय लोकदल के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी जयंत सिंह के आवास 25 तुगलक रोड, दिल्ली पर पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों से जुड़ी सैकड़ों महिलाओं ने एकत्र होकर महिला आरक्षण बिल के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की। इस दौरान महिलाओं ने उनकी सक्रिय पहल और मजबूत पैरवी के लिए आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण, समान भागीदारी और राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि महिला आरक्षण केवल एक कानून नहीं, बल्कि सामाजिक सोच में परिवर्तन का माध्यम है, जो महिलाओं को पारंपरिक भूमिकाओं से आगे बढ़ाकर नेतृत्व की मुख्यधारा में लाने का कार्य करेगा।उन्होंने कहा कि देश की माताओं, बहनों और बेटियों ने अपने परिश्रम से समाज को सशक्त किया है, ऐसे में उन्हें केवल घर-परिवार तक सीमित रखना उचित नहीं है। अब समय आ गया है कि महिलाएं संसद और नीति निर्धारण में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराएं।वक्ताओं ने यह भी कहा कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई को मिलकर जीतना होगा, क्योंकि जब तक समाज की आधी आबादी निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं होगी, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है। महिला आरक्षण का विरोध करना दरअसल देश की आधी आबादी को पीछे धकेलने जैसा है। राष्ट्रीय लोकदल के प्रतिनिधियों ने नारी शक्ति के सशक्तिकरण के इस अभियान में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देने का संकल्प दोहराया।
