
गाजियाबादः व्यापारी एवं समाजसेवी हर्ष कुमार ने कहा कि शक्ति की साधना का सबसे बड़ा उत्सव चैत्र नवरात्र गुरूवार 19 मार्च से शुरू हो रहा है। इसी दिन से हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ भी हो रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार, चौत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि 18 मार्च को रात 8.14 बजे से शुरू हो रही है और इसका समापन 19 मार्च को रात 9.04 बजे होगा। चूंकि हिंदू धर्म में उदय तिथि का महत्व है, अतः चैत्र नवरात्र और हिंदू नववर्ष का आरंभ 19 मार्च से ही होगा। नवरात्रि में इस बार मां दुर्गा का आगमन पालकी पर हो रहा है, जिसे शास्त्रों में सुख-सुविधाओं और खुशहाली का प्रतीक माना गया है। नवरात्र के ये नौ दिन न केवल भक्ति के दिन हैं, बल्कि जीवन को नई ऊर्जा और सकारात्मकता से भरने का महान अवसर भी हैं। घर में सुख-समृद्धि व शांति के लिए नवरात्रि में मां की पूजा-अर्चना का बहुत अधिक महत्व है। 19 मार्च को घट यानि कलश स्थापना कर मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। 20 मार्च को मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होगी। 21 मार्च को मां चंद्रघंटा व 22 मार्च को मां कूष्मांडा का पूजन होगा। 23 मार्च को मां स्कंदमाता व 24 मार्च को मां कात्यायनी की उपासना होगी। 25 मार्च को मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी। 26 मार्च को मां महागौरी उपासना के साथ महाअष्टमी व्रत होगा। 27 मार्च को नवरात्रि की अधिष्ठात्री मां सिद्धिदात्री की उपासना, कन्या पूजन होगा। साथ ही राम नवमी का महापर्व श्रद्धा व भक्तिभाव से मनाया जाएगा।
